प्रिय छात्रों, अभिभावकों और राधा रमण मिश्र ग्रुप ऑफ़ कॉलेज के सहयात्रियों,
"शिक्षा केवल अक्षरों का ज्ञान नहीं, बल्कि अंतरात्मा का जागरण है।"
जब मैंने इस संस्थान की नींव रखी थी, तो मेरे मन में केवल एक इमारत खड़ी करने की चाह नहीं थी। मेरा स्वप्न एक ऐसे समग्र शैक्षिक तीर्थ का निर्माण करना था, जहाँ किताबी ज्ञान की सीमाओं को लांघकर हर छात्र का मानसिक, बौद्धिक और चारित्रिक विकास हो सके। मैं एक ऐसा माहौल चाहता था |
जहाँ पढ़ाई-लिखाई की गंभीरता और ऊंचे नैतिक मूल्यों का अनूठा मेल हो।
शिक्षा किसी भी प्रगतिशील समाज की सबसे मजबूत नींव होती है। आज भले ही मैं भौतिक रूप से आपके बीच उपस्थित नहीं हूँ, लेकिन मेरी वैचारिक चेतना और मेरा संकल्प इस कॉलेज के कण-कण में रचा-बसा है।
हमारा ध्यान हमेशा से केवल ग्रेजुएट्स की फ़ौज खड़ी करने पर नहीं,
बल्कि ऐसे दूरदर्शी लीडर्स, कुशल प्रोफेशनल्स और आदर्श शिक्षकों को गढ़ने पर रहा है, जो आगे चलकर देश और समाज को एक नई दिशा दे सकें।